Fri. Apr 10th, 2020

तर्पण पत्रिका

मुखर प्रतिरोध की त्रैमासिकी…

दिवाली

चंपक वन की शान निराली
देखो आई है दीवाली
भालू  ने की है खूब सफाई
खरगोश भी लाए आज मिठाईबंदर  ने जलाए दीप
कोयल सुनाए मीठे गीत
हाथी बोला सब आ जाओ
नाचो-गाओ मौज मनाओ
वनराज ने भी सबको गले लगाया
जंगल में मंगल छाया ,
सबका मन हरषाया

  कवियत्री निभा कुमारी 

      राजनगर , मधुबनी , बिहार